Sunday, April 22, 2012


UPTET : टीईटी परीक्षा निरस्त न करने से हर्ष

गुरसहायगंज, अंप्र : मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा टीईटी परीक्षा को निरस्त न करने पर टीईटी अभ्यर्थियों ने हर्ष जताया है। टीईटी अभ्यर्थियों की बैठक में अमित शर्मा ने कहा कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने टीईटी परीक्षा में हुई धांधली के लिए दोषियों को दंडित किये जाने की सिफारिश कर शेष अभ्यर्थियों की परीक्षा न निरस्त किये जाने का निर्णय लिया है। इससे टीईटी अभ्यर्थियों को लाभ मिलेगा। इस मौके पर अभिषेक चतुर्वेदी, सुधाकर, करन सिंह, दिवाकर, सचिन, सुरभि चतुर्वेदी, दिव्या तिवारी, मुकेश यादव आदि अभ्यर्थी मौजूद रहे।
News : Jagran (21.4.12)
UPTET Allahabad : टीईटी के आधार पर मेरिट बनाने की मांग

UPTET Candidates demanded selection through TET Merit

इलाहाबाद। प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में टीईटी के आधार मेरिट न बनाए जाने के विरोध में सफल अभ्यर्थियों ने शनिवार को सुभाष चौराहा पर मुख्य सचिव जावेद उस्मानी का पुतला फूंका। इससे पहले चंद्रशेखर पार्क में उप्र टीईटी उत्तीर्ण संघर्ष मोर्चा की बैठक में अभ्यर्थियों ने एकेडमिक कॅरियर के बजाय टीईटी के आधार पर मेरिट बनाए जाने की मांग की। अभ्यर्थी जुलूस के रूप में सुभाष चौराहा पहुंचे। पुतला दहन करने वालों में विवेकानंद, आशुतोष केसरवानी, आनंद यादव, मो. शोएब, संजय यादव, अभिषेक सिंह, सुजीत सिंह, सुरेश मणि शामिल रहे।

News : Amar Ujala (22.4.12)

UPTET : टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने मुख्य सचिव का पुतला फूंका

मिर्जापुर। टीईटी उत्तीर्ण संघर्ष मोर्चा के बैनर तले शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने प्रदेश के मुख्य सचिव जावेद उस्मानी का पुतला दहन किया। इस दौरान टीईटी मेरिट के आधार पर ही शिक्षकों की भरती करने की मांग की गई। शनिवार को टीईटी उत्तीर्ण संघर्ष मोर्चा के बैनर तले अभ्यर्थियों ने प्रदेश के मुख्य सचिव का पुतला फूंका। वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने टीईटी उत्तीर्ण युवाओं के साथ छलावा किया है। प्रदेश में जब एक साथ टीईटी परीक्षा कराई गई तब सभी ने मेहनत और लगन के साथ टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण की। पूर्ववर्ती सरकार ने 1981 बेसिक शिक्षा नियमावली में संशोधन करते हुए टीईटी मेरिट को चयन का आधार बनाया और विज्ञप्ति जारी की, लेकिन वर्तमान सरकार एवं प्रशासन टीईटी मेरिट को चयन का आधार न मानकर पूर्व शैक्षिक योग्यता को चयन का आधार मान रही है, जिसमें काफी विषमताएं हैं। इससे सरकार के मंशा पर यह सवाल उठने लगा है कि वह शिक्षा में गुणवत्ता नहीं चाहती है और शिक्षा का व्यापारीकरण करना चाहती है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार को आगाह किया कि यदि शिक्षकों की भरती टीईटी मेरिट के आधार पर नहीं की गई तो वह 25 अप्रैल को राजधानी लखनऊ में ऐतिहासिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। सरकार के इस निर्णय के खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष राहुल गुप्ता, कौशल प्रजापति, अरविंद गुप्ता, राजेश बिंद, राधेश्याम, सत्यानंद स्वरूप, अफजल, आनंद मोहन, सोहन, दिनेश सिंह, बृज बिहारी, पवन श्रीवास्तव, उमेश श्रीवास्तव, नितिन कसेरा, अल्पिका जायसवाल, कावेरी यादव, विंध्यवासिनी सेठ, संतोषी कुमारी दूबे, रमेश लाल बिंद, शीलवंत कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मौजूद रहे।

News : Amar Ujala (22.4.12)
Saturday, April 21, 2012

UPTET : टीईटी अभ्यर्थी छेड़ेंगे सत्ता विरोधी संघर्ष

एटा, निज प्रतिनिधि: शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में टीईटी अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार द्वारा किये गये संशोधन के विरोध में आर-पार के संघर्ष की तैयारी तेज कर दी है। वे मैरिट पर शिक्षक भर्ती के विरुद्ध सत्ता विरोधी संघर्ष को लामबंद होने लगे हैं। भारतीय जनता युवा मोर्चा ने सपा शासन के इस कदम को टीईटी अभ्यर्थियों के साथ अन्यायपूर्ण मानकर सपा सरकार पर नकल को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। शनिवार को भाजयुमो की बैठक प्रदेश कार्यसमिति सदस्य नवीन चतुर्वेदी की आवास पर हुई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्त टीईटी अभ्यर्थियों की मैरिट के आधार पर की जानी चाहिए। शैक्षिक मैरिट को भर्ती का आधार बनाया जाना भ्रष्टाचार और नकल को बढ़ावा देना है। इससे योग्यता पर कुठाराघात होगा। शैक्षिक मैरिट में फर्जीवाड़ा कितने व्यापक पैमाने पर है। यह किसी से छिपा नही है। माधव पचौरी ने कहा कि प्रदेशभर में दूसरों के स्थान पर परीक्षा देना, डिग्रियों में अंक बढ़वाना, प्रश्नपत्र आउट कराना ही नहीं संसाधनों के अभाव में उच्च शिक्षा संस्थान चलाने की मान्यता प्राप्त कर लेना भी शिक्षा के स्तर का आईना बताते हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि इस मामले की पारदर्शी ढंग से जांच कराई जाये, मुख्य सचिव निजी स्कूल संचालकों से धन वसूल कर अकादमिक मैरिट की वकालात कर रहे हैं। ऐसे मुख्य सचिव को तत्काल बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र निर्णय न बदला गया तो टीईटी अभ्यर्थियों को साथ लेकर प्रदेश व्यापी आंदोलन छेड़ दिया जायेगा। सरकार को इसके घातक परिणाम भुगतने होंगे।
इस अवसर पर माधव पचौरी, अभिषेक कुदेसिया, अर्पित उपाध्याय, बंटी, मानपाल सिंह वर्मा, गौरव शर्मा, पंकज चौहान, आदि टीईटी अभ्यर्थी और भाजयुमो कार्यकर्ता मौजूद थे


News : Jagran ( 21.4.12)

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