Thursday, March 29, 2012

बेरोजगारी भत्ते के बदले काम भी करना होगा!

बेरोजगारी भत्ते के बदले काम भी करना होगा!
स्वदेश कुमार, लखनऊ


सूबे में बेरोजगारी भत्ता हासिल करने वालों को काम भी करना पड़ सकता है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि बेरोजगारी भत्ता की चाह रखने वाले अपात्रों की छंटनी की जा सके। योजना को फिलहाल मुख्यमंत्री के स्तर से अनुमति मिलनी बाकी है लेकिन पूरा खाका तय कर लिया गया है। योजना है कि बेरोजगारों से वही काम लिया जाए जो उनकी काबलियत के अनुरूप हो और उतना ही काम लिया जाये जिससे साल भर के भत्ते की भरपाई की जा सके।
बेरोजगारी भत्ते को लेकर सरकार के सामने सबसे बड़ी समस्या अपात्रों को रोकने की है। अपात्र का आशय ऐसे लोगों से है जो कहीं छोटी-मोटी निजी स्तर की नौकरियां कर रहे हैं लेकिन बेरोजगारी भत्ते के लिए रजिस्ट्रेशन करा रखा है। जो व्यवस्था की जा रही है, उसे इस तरह से समझा जा सकता है। मान लीजिए, भत्ता लेने वाला बेरोजगार कम्प्यूटर का जानकार है। वह एक हजार रुपये प्रतिमाह बेरोजगारी भत्ते के हिसाब से साल में 12,000 पाता है। वहीं, दूसरी ओर कम्प्यूटर आपरेटर की तनख्वाह सरकारी तौर पर छह हजार रुपये प्रतिमाह हो तो जिलाधिकारी को अधिकार होगा कि वह बेरोजगार से किसी विभाग में दो माह के लिए कम्प्यूटर आपरेटर का काम ले सके। विभाग का मानना है कि भत्ते के एवज यदि काम की शर्त होगी तो ऐसे लोग अपने आप दावेदारी से हट जाएंगे जो पहले से ही कहीं नौकरी कर रहे हैं क्योंकि उन्हें अपना नियमित काम छोड़ना होगा।किया जा रहा है कि केवल उन्हीं बेरोजगारों को ही भत्ता दिया जायेगा, जिनके परिवारों की वार्षिक आय शहरों में 26000 रुपये से कम और गांवों में 20000 रुपये से कम होगी। परिवार में अगर एक से अधिक बेरोजगार होंगे तो उन सभी को भत्ता मिलेगा। भत्ता उन्हीं बेरोजगारों को दिया जायेगा जो सेवायोजन कार्यालय में पंजीकृत होंगे।अधिकतम उम्र पर पशोपेश : भत्ते को लेकर पेचीदा मसला बेरोजगारों की अधिकतम आयु को लेकर है। सपा ने चुनाव घोषणा पत्र में कहा है कि 35 वर्ष की उम्र पूरा कर चुके बेरोजगार नौजवानों के लिए बेरोजगारी भत्ते की व्यवस्था होगी। अब सरकार को यह तय करना है कि 35 से ऊपर किस उम्र तक के लोगों को नौजवान माना जाये। फिलहाल इसे 45 साल तक रखने पर विचार चल रहा है। वैसे दूसरी राय यह भी है कि इसे 60 साल रखा जाए।
किस तरह होगा भुगतान : हजार रुपये प्रतिमाह का बेरोजगारी भत्ता साल में तीन बार यानी चार माह के एकमुश्त भुगतान के रूप में देय होगा। यानी एक अप्रैल से जुलाई तक की अवधि का भुगतान अगस्त माह में, एक अगस्त से नवंबर तक का भुगतान दिसम्बर में और एक दिसम्बर से मार्च तक का भुगतान अप्रैल में किया जायेगा। इसके लिए संबंधित बेरोजगार को किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलना होगा। इस खाते में भत्ते की धनराशि सीधे कोषागार से स्थानान्तरित कर दी जायेगी।



हाईस्कूल पास होना जरूरी
35 वर्ष से अधिक उम्र के उन्हीं बेरोजगारों को भत्ता दिया जायेगा, जो कम से कम हाइस्कूल पास होंगे। इसके पीछे तर्क यह दिया गया है कि अगर शैक्षिक योग्यता का मानक नहीं रखा जायेगा तो ऐसे अनपढ़ लोग भी उसके हकदार हो जायेंगे जो मजदूरी आदि कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं। वैसे यह तय हो चुका है कि भत्ता उनको नहीं दिया जायेगा जो मनरेगा या सरकार की किसी स्वरोजगार योजना का लाभ पा रहे होंगे।


 http://jagranepaper.com/epaper/30-mar-2012-64-kanpur-edition-kanpur-Page-1.html

UPTET : Three Choices send by Basic Shiksha Parisha to Government of UP



UPTET : Three Choices send by Basic Shiksha Parisha to Government of UP

Blog visitor comment -

see hindustan news.. basic shiksha ne sashan ko teen vikalp bheje hain..

1.hue sansodhan ko nirast kar diya jaye 
2.tet nirast kar diya jaye
3.vigyapan nirast kar naye sire se bharti kiya jaye. link..








http://epaper.livehindustan.com/PUBLICATIONS/HT/HL/2012/03/30/ArticleHtmls/MXeB%C3%8AMXe-FSX-%C3%80FSXIYFSX-IY%C3%BB-FeF-dFIYF-FZFZ-30032012002010.shtml?Mode=1

See what is published -

-Question is same department made some rules , published advertisement, taking responsibility of exam (Exam was taken by UP Board ).
-Are they playing with the life of people / candidates OR NOT ? Who is wrongdoer candidate OR somebody else.
-How many department person found convicted and what punishment given to them. A Big Question.
-Again a TET exam, But who will give guarantee to those candidates that no cheating will happen in new exam.

News : Live Hindustan 

भर्ती टीईटी मेरिट पर करने की मांग
(UPTET : TET Candidates Demanded Selection Through TET Merit)

गोरिया बाजार। महराजगंज ब्लाक के परशुरामपुर बाजार में टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की बैठक गुरुवार को हुई। इसमें प्रदेश सरकार से शिक्षकों की भर्ती टीईटी मेरिट के आधार किये जाने की मांग की गयी। हीरा यादव ने कहा कि शिक्षकों की भर्ती टीईटी मेरिट के आधार पर ही होनी चाहिए अन्यथा शिक्षकों की भर्ती में नकल करके पास होने वाले अयोग्य लोग ही पहुंचेंगे। विनोद कुमार ने कहा कि नियुक्ति पूर्व प्रकाशित विज्ञप्ति के आधार पर ही होनी चाहिए। चंदन सिंह ने कहा कि टीईटी परीक्षा में हुई धांधली की जांच होनी चाहिए लेकिन वे लोग जो अपनी मेहनत से अच्छे अंक प्राप्त किए हैं उनके साथ नाइंसाफी नहीं होनी चाहिए। बैठक में अवनीश सिंह, रामाश्रय सिंह, राकेश, उमेश राम, आशुतोष, सूर्यभान, शशिभूषण, राकेश राय आदि लोग उपस्थित थे।
बिंद्राबाजारः टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की बैठक बुधवार को विकास खंड मुहम्मदपुर के परिसर में हुई। इसमें भर्ती प्रक्रिया को टीईटी मेरिट पर कराने की मांग मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश से की गई। इस मौके पर रामजतन यादव, छोटेलाल यादव, मो. आरिफ, अशोक सिंह, महेंद्र, राकेश आदि थे।

शांति मार्च निकालने का लिया निर्णय

अहरौला। टीईटी उत्तीर्ण संघ मोर्चा अहरौला की बैठक गुरुवार को राम जानकी मंदिर परिसर में विरेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें एक अप्रैल को सुबह नौ बजे शांति मार्च निकालने का निर्णय लिया। श्री सिंह ने बताया कि मार्च बीआरसी कार्यालय अहरौला से पकड़ी, अहरौला, मंडना आदि क्षेत्रों से होते हुए बीआरसी कार्यालय के सामने जनसभा के रूप में तब्दील हो जाएगा। मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन बूढ़नपुर के एडीएम और एसओ अहरौला के माध्यम से प्रेषित किया जायेगा। रामनारायन गुप्ता, भूपेंद्र पांडेय, प्रेमचंद्र, राणा राहुल सिंह, इम्तियाज, अमर, विरेंद्र प्रताप, रसल रघुवंशी आदि मौजूद थे।


टीईटी प्रकरण शक की सुई शिक्षा माफिया पर 

बाह। घर बैठे 33 शिक्षक-शिक्षिकाओं को पगार देने के मामले में अमर उजाला के खुलासे से मामले में तिगड़म भिड़ाने वाले लोगों में खलबली मच गई है। पूरे खेल के पीछे एक शिक्षा माफिया की साजिश बताई जा रही है, जो उसने वजीफा घोटालों से बचने के लिए रची थी। प्रकरण में खंड शिक्षा अधिकारी संजय सिंह पूछताछ और उनके विरुद्ध जांच में तेजी आ सकती है।
टीईटी प्रकरण की एक और परत खुलने पर पता चला है कि मामले में एक बड़ी राजनैतिक पार्टी का नेता भी शामिल है। आशंका जताई जा रही है कि सालों से बंद विद्यालय की छात्रवृत्ति हड़पने के मामले में कार्रवाई न किए जाने पर शिक्षा माफिया ने खंड शिक्षाधिकारी के साथ मिलकर प्रकरण को अंजाम दिया। फिलहाल जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


नए भवन में आज से बैठेंगे माध्यमिक शिक्षा निदेशक

टीईटी परीक्षा पास कराने के नाम पर 11 लाख की ठगी
(UPTET : 11 Lakh rupees looted to pass candidates in TET Exam )

See One More Amazing TET Scam - Candidates NOT passed in TET even after paying 11 Lakh rupees


रामपुर। टीईटी (अध्यापक पात्रता परीक्षा) के नाम पर ठगी के तार शहर से भी जुड़े हैं। यहां भी एक संस्था चलाने वालों ने लोगों से परीक्षा पास कराने के नाम पर लाखों की ठगी की। मुरादाबाद के दो पीड़ित सामने आए हैं, जिन्होंने आरोपियों की शिकायत एसपी से करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की।

मुरादाबाद। जनपद के बिलारी तहसील अंतर्गत ग्राम गवारऊ निवासी मोहम्मद इरफान की पत्‍‌नी आसिया कमाल और उनके बुद्धि विहार मझौला निवासी दोस्त अरुण गौर ने टीईटी की परीक्षा दी थी। आरोप है कि परीक्षा पास कराने के नाम पर रामपुर के थाना सिविल लाइंस अंतर्गत जौहर मार्ग पर इंस्टीट्यूट चलाने वाली एक संस्था के डायरेक्टर, प्रबंधक और प्रधानाचार्य ने उनसे 11 लाख रुपये लिए थे। आरोपियों ने अपने संबंध तत्कालीन मुख्यमंत्री और केबिनेट सचिव स्तर तक बताए। बीते साल दस नवबर को ज्वालानगर के कुछ लोगों की मौजूदगी में इंस्टीट्यूट पर रकम दी गई। आरोपियों ने वाद किया कि पास न होने पर 15 दिन में रकम पूरी वापस लौटा दी जाएगी। दोनों परीक्षा में पास नहीं हुए, लेकिन आरोपियों ने फिर भी रकम नहीं लौटाई। रुपये वापस मांगे तो जान से मारने की धमकी दी। इस पर पीड़ित गुरुवार को रामपुर आए। एसपी को संबोधित प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने और रुपये वापस दिलाने की मांग की।

News : Jagran (30.3.12)
दो गुट में बंटे प्रशिक्षित बेरोजगार, लामबंदी शुरू , टीईटी परीक्षा को निरस्त न करने की मांग 
(UPTET : TET Group is split in two parts , Demanded TET Exam NOT to Cancel )

Cancellation is NOT the solution to solve the Matter in a good system. If it happens then our existence is NOT possible.Because if somebody did a mistake, and to kill everybody is NOT a solution. Investigate the matter and only culprits should be punished instead of honest candidates who passed this exam  with their efforts and spend hard earned money.

उझानी(बदायूं)। बीएड प्रशिक्षित बेरोजगार टीईटी परीक्षा को लेकर दो गुट में बंटकर आवाज बुलंद करने लगे हैं। एक पक्ष ने पिछले दिनों हुई परीक्षा को जायज ठहराया तो दूसरे गुट का कहना है कि पूरी प्रक्रिया को निरस्त कर दोबारा से आवेदन कराए जाएं। इसे लेकर लामबंदी शुरू हो गई है। बुधवार शाम यहां बाबूराम धर्मशाला कैंपस में उत्तर प्रदेश टीईटी संघर्ष मोर्चा की मीटिंग हुई।
 नगराध्यक्ष विनीत सोलंकी ने कहा कि टीईटी परीक्षा निरस्त नहीं होनी चाहिए। सरकार इसे आधार मानकर शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को शुरू करें तो अच्छा रहेगा। बीएड प्रशिक्षित बेरोजगारों ने सरकार को चेतवानी दी कि अगर भर्ती प्रक्रिया शुरू न हुई तो संघर्ष मोर्चा आंदोलन करेगा। मीटिंग में छविराम शर्मा, संदीप माहेश्वरी, सोनू, मोहित शर्मा, मनोज राना, परमिंदर सिंह और आशीष आदि मौजूद थे।

An Article Related to TET / UPTET - Teacher Eligibility Test


टीईटी और विज्ञापन को निरस्त करने की तैयारी में बेसिक शिक्षा विभाग 



-टीईटी में अच्छा अंक पाने वाले लाखों छात्रों के साथ होगा धोखा ǃ 
-फसेगा कानूनी पेच ǃ 
-नियमावली में संशोधन कर एकेडमिक होगा अन्‍तिम चयन का आधार   ǃ 
-टीईटी के महत्व को कम करने की कोशिश ǃ!!!!


Article By - Abhishek Kant

गलती को सुधारने के बजाये परीक्षा निरस्त करने की तैयारी ǃ

आखिकार उत्‍तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को निरस्‍त करने के लिए तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही अध्‍यापक भर्ती नियमावली के नियम को भी नई प्रक्रिया के लिए बदला जायेगा। वर्तमान में टीईटी के मेरिट से प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती का प्रावधान है जिसे मायावती सरकार ने संशोधित किया था। तब एनसीटीई के आरटीई एक्ट के मुताबिक शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य हो गया जिससे मायावती सरकार ने ही चयन का आधार बना दिया था और इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई लेकिन याचिका खारिज कर दी गई वहीं चयन का आधार टीईटी मेरिट को सही कहा गया। वहीं 72 हजार प्राईमरी टीचर का विज्ञापन निकाला गया लेकिन हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दिया जिसकी सुनवाई चल रही है। जिसमें हर जिले के डायट की जगह संयुक्त रूप से नियुक्‍ति के लिए निकाली गई इस विज्ञापन को चुनौती दी गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग टीईटी में हुई धांधली को सुधारने और जांच करने के बजाए खुद को बचाने के लिए टीईटी और विज्ञापन दोनों को निरस्‍त करने का फैसला ले सकती है। साफ है कि विभाग खुद को बचाने और अपनी जिम्‍मेदारियों से पल्‍ला झाड़ने के लिए लाखों लोगों की मेंहनत और पैसे की परवाह नहीं है। बस जैसे तैसे टीईटी के मेरिट से चयन प्रक्रिया से बचने के लिए अध्‍यापक नियुक्‍ति नियमावली में शैक्षिक रिकार्ड देखकर भर्ती करने के संशोधन पर विचार कर रही है। जिससे बेसिक शिक्षा विभाग सारी परेशानियों से बच सके।

टीईटी मेरिट से चयन का आधार क्यों बदला जा रहा हैॽ

लेकिन पिछली सरकार के टीईटी मेरिट के फैसले को बदलना और विज्ञापन को निरस्‍त कर नये सिरे से भर्ती प्रक्रिया करना क्‍या न्‍यायोचित हैॽ क्‍या इसे हाईकोर्ट में इसलिए चुनौती दी जा सकती की यह बदले की भावना से किया गया है और लाखों ईंमानदार और मेंहनती छात्रों के साथ शरीरिक मानसिकर एवं आर्थिक शोषण किया गया है। जबकि कायदे से यहां टीईटी की निश्पक्ष जांच करना चाहिए। अगर गड़बडी़ को पकड़ा जाए तो ठीक नहीं तो दूबारा टीईटी की पारदर्शी परीक्षा लोक सेवा आयोग या कर्मचारी चयन आयोग द्वारा कराया जा सकता है और इसी विज्ञापन से टीईटी मेरिट से चयन किया जा सकता है। विज्ञापन निरस्‍त करने की आवश्‍यकता नहीं है। लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग बेरोजगारों के हित में न्यायोचित फैसला नहीं लेता है तो लाखों मेंहनती बेरोजगारों के साथ धोखा होगा। लोकतांत्रिक ढंग यही है। हर बार की तरह यह नहीं सरकार बदले तो पिछली सरकार के कार्यकाल की परीक्षा और विज्ञापन को बदले की भावना में आकर निरस्त दिया जाए। इससे युवाओं का नुकसान होगा और नई सरकार को युवाओं ने चुना है ताकी मेंहनती बेरोजगारों के हक में कोई फैसला लेना चाहिए।

टीईटी पत्रता है लेकिन इसे आंध्रपदेश टीईटी ने भी 
चयन का आधार बन
।
या है
एक तो शिक्षा अनवार्य कानून के तहत टीईटी अनिवार्य है। और इसको एनसीटीई ने पात्रता परीक्षा कहा है लेकिन यह नहीं कहा की आप इसकी मेरिट को नजर अंदाज कर दे। जब विशिष्‍ट बीटीसी के लिए बीएड उतीर्ण अर्हकारी परीक्षा है जिसे स्‍नातक या परास्‍नातक में पचास प्रतिशत अंक वाले कर सकते है। तो ऐसे में इनका मेरिट देखा जाना कहा तक सही है अगर सही है तो बताएं टीईटी की मेरिट से क्‍यों चयन नहीं हो सकता है। भले यह पात्रता परीक्षा है और इसका भी महत्‍व है जो कि सबसे आधिक है। आन्‍ध्र प्रदेश टीईटी में प्राप्‍त अंक के प्रतिशत को पचास प्रतिशत के अंकों में बदलकर और शैक्षिक रिकार्ड में अर्हकारी परीक्षा बीए या जिन्‍होंने परास्‍नातक के आधार पर बीएड किया है उनके परस्नातक के प्रतिशत में बीस–बीस प्रतिशत तथा 10 प्रतिशत उच्‍च योग्‍यता के अंक को कुल 100 के अंकों में बांटा गया है। इन 100 अंकों में जितना अंक काई पाएगा उसी मेरिट बनेगी और उसे सरकारी विद्यालय में टीचर के पद नियुक्त कर लिया जायेगा।

टीईटी की हो निश्पक्ष जांच
कायदे से टीईटी की जांच कराई जानी चाहिए और इसी विज्ञापन के नियमानुसार भर्ती होनी चाहिए। अगर विज्ञापन और टीईटी रद्द किया गया तो छात्र हाईकोर्ट में खिलाफ रिट दाखिल करेंगे और फिर न्‍याय कोर्ट करेगा। लेकिन अगर कोर्ट ने विज्ञापन में संशोधन के साथ टीईटी के जांच के आदेश दे दिया और उसके बाद कोई सार्थक फैसला लिया तो सरकार की बड़ी किरकीरी हो सकती है।

हाईकोर्ट पटना के एक आदेश में पहले पुरानी विज्ञापन से हो भर्ती


ऐसे हाईकोर्ट से बेसिक शिक्षा विभाग को आदेश मिल सकता है कि इस विज्ञापन की भर्ती टीईटी मेरिट से किया जाये। हाईकार्ट पटना ने भी नई सरकार उस फैसले को गलत ठहराया जिसमें नीतीश कुमार पूर्वती सरकार के शिक्षक भर्ती के विज्ञापन को निरस्‍त कर नया विज्ञापन जारी किया था और हाईकोर्ट पटना ने कहा कि पहले वाली विज्ञापन के शर्त पर भर्ती की जाये और दूसरी विज्ञापन की भर्ती पहली विज्ञापन की भर्ती के बाद में निकाली जा सकती है।

टीईटी निरस्त हुई तो मिले हर छात्र को 5 लाख हर्जाना


लेकिन बेसिक विभाग से आखिर कोई पूछे की टीईटी परीक्षा फिर कौन आयोजित करेगा। क्‍या फिर यूपी बोर्ड जहां संशोधन के बाद धांधली की गई है। जिसे जांच द्वारा पकड़ा जा सकता है। लेकिन अगला टीईटी निश्पक्ष कराने गारंटी कौन लेगा । अगर धांधली के कारण से परीक्षा निरस्‍त हुई तो क्या हर छात्र को जिसने परीक्षा ईंमानदार से उतीर्ण किया उसे पांच–पांच लाख रूपये हर्जाना दिया जाएगा ॽ ये सब तय कर ले तो अच्‍छा है।


Article By - Abhishek Kant (Prkhar Chetna)

UPTET : TET Candidates will seize Assembly


टीईटी उत्तीर्ण करेंगे विस का घेराव
(UPTET : TET Candidates will seize Assembly )

मुजफ्फरनगर(ब्यूरो)। टीईटी उत्तीर्ण छात्रों की कंपनी बाग में हुई बैठक में 30 मार्च को लखनऊ में विधानसभा का घेराव करने का निर्णय लिया गया। बुधवार को आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष बलकेश चौधरी ने कहा कि टीईटी उत्तीर्ण छात्रों की भर्ती प्रक्रिया में जान बूझकर लेट लतीफी की जा रही है। हरेंद्र मलिक, अमित बालियान, संजय राजपूत, पराग अरोरा, महबूब अली, सतेंद्र, नैनपाल, राहुल, साकिद अली, परवेंद्र मलिक, नवीन सैनी, राजीव कौशिक, अमित कुमार, महेंद्र सैनी, गौरव गर्ग, रजनी, मनोज और मोनिका उपस्थित रहे। 

लखनऊ जाएंगे टीईटी पास

संभल। टीईटी संघर्ष मोर्चा केतत्वावधान में 30 मार्च को लखनऊ विधानसभा के सामने धरना प्रस्तावित है। इसको सफल बनाने के लिए टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण बीएड बेरोजगार शाम पांच बजे संभल के रोडवेज बस अड्डे से लखनऊ रवाना होंगे। यह जानकारी नवनीत चौधरी ने दी। 


शिक्षा सचिव के बयान की निंदा
ढबारसी। टीईटी उत्तीण अभ्यर्थियों की बैठक में बेसिक शिक्षा सचिव के उस बयान की निंदा की गई। जिसमें नियमावली में संशोधन की बात कही गई है। वक्ताओं ने कहा कि अध्यापकों का चयन शैक्षिक मेरिट के आधार पर नहीं बल्कि टीईटी की मैरिट के आधार पर होना चाहिए। सुरेंद्र कुमार, नवल सिंह राणा, रतन त्यागी, विजयपाल सिंह, अथर अली आदि मौजूद रहे।


विशिष्ट बीटीसी की तर्ज पर बनेगी मेरिट - टीईटी पास को झटका
•अभ्यर्थियों ने कहा-अन्याय हुआ तो कोर्ट जाएंगे

सहारनपुर। शिक्षक पात्रता परीक्षा की मेरिट की बजाय पुराने सिस्टम से अंकों की मेरिट के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति की तैयारी से उन हजारों अभ्यर्थियों को झटका लगा है, जिन्होंने यूपी बोर्ड से इंटरमीडिएट परीक्षा पास करने के बाद बीएड की डिग्री हासिल की है। ऐसे अभ्यर्थियों का कहना है कि अंकों के हिसाब से उनकी मेरिट सीबीएसई वालों से कम ही रहती है और इस स्थिति में विशिष्ट बीटीसी की तरह इस बार भी वे फिसड्डी ही रह जाएंगे। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब पुरानी मेरिट सिस्टम से ही नियुक्ति तय की जानी है तो फिर परीक्षा कराने का क्या फायदा और पास होने से क्या लाभ?यूपी बोर्ड वाले ऐसे ही अभ्यर्थियों विकास कुमार, रवींद्र कुमार और अरविंद सिंह का कहना है कि उनके बोर्ड में काफी मेहनत के बाद भी इतनी अच्छी मेरिट नहीं आती थी जितनी सीबीएसई बोर्ड में आती रही है। शिक्षक पात्रता परीक्षा की व्यवस्था लागू होने के बाद उन्हें लगा था कि अब उनके साथ न्याय हो पाएगा। अंकों के हिसाब से मेरिट कम होने के बावजूद उन्होंने परीक्षा पास की और मेरिट भी अच्छी रही, मगर अब तो इस एग्जाम और इसके परिणाम का कोई मतलब ही नहीं रह गया है। 
उन्होंने कहा कि सहारनपुर मंडल से ही पास होने वाले 21 हजार अभ्यर्थियों में 40 फीसदी से ज्यादा ऐसे हैं जो यूपी बोर्ड वाले हैं और उनकी मेरिट सीबीएसई वालों से नीचे ही रहेगी। इसलिए हजारोें अभ्यर्थियों के लिए तो टीचर बनने का ख्वाब पहले ही टूट गया है। यदि उन्हें न्याय नहीं मिलता है तो वे कोर्ट जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। अब सरकार को टीईटी की मेरिट के सिस्टम से ही नियुक्तियां करनी चाहिएं, क्योंकि परीक्षा पास करके अभ्यर्थियों ने कोई गुनाह तो नहीं किया। यह भी जरूरी नहीं है कि जिसकी अंकों की मेरिट अच्छी हो, वही टीचर बनने योग्य हो और टीईटी एग्जाम पास करने वाला नहीं। 

टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने दिया धरना


रामनगर (सं.)। टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने बुधवार को टीईटी उत्तीर्ण संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में शास्त्री चौक पर धरना दिया। नेतृत्व अश्वनी मौर्य ने किया। 50 से अधिक संख्या में मौजूद अभ्यर्थियों ने मांग की कि टीईटी पास लोगों की मेरिट के आधार अध्यापक पद पर भर्ती की जाए। सरकार से मांग की कि प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती टीईटी मेरिट सूची आधार पर की जाए। धरना में राजेश झा, सुरेंद्र यादव, सृजन श्रीवास्तव, आशुतोष पांडेय, आरती शुक्ला, रमेश गुप्ता, मनीष सिंह आदि मौजूद थे।

टीईटी संघर्ष मोर्चा की बैठक एक को

भदोही। यूपी टीईटी उत्तीर्ण संघर्ष मोर्चा के तत्वाधान में रविवार, पहली अप्रैल को पूर्वाह्न 10 बजे भदोही तहसील परिसर में एक सभा का आयोजन किया गया है। इसकी जानकारी देते हुए आदिल अंसारी ने समस्त टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों से बैठक में भाग लेने की अपील की है। कहा कि मेरिट के आधार पर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की जाएगी।

टीईटी धारकों ने किया प्रदर्शन

हक के लिए पीछे नहीं हटेंगे
(UPTET : TET Candidates FIGHT for their RIGHT )
रायबरेली। प्रशिक्षित स्नातक संघ की अगुवाई में टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी 30 मार्च से विधानसभा के सामने लखनऊ में धरना प्रदर्शन के साथ ही आमरण अनशन करेंगे। संघ के जिलाध्यक्ष करूणेंद्र मिश्र ने जिले के सभी टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों से लखनऊ कूच करने के लिए अपील की है। कहा है कि हक के लिए पीछे नहीं हटा जाएगा।

शांति मार्च आज
मऊरानीपुर (झांसी)। टी ई टी संघर्ष मोर्चा की बैठक में टीईटी में सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिलाए जाने के संबंध में 29 मार्च को नुनाई बाजार से उपजिलाधिकारी कार्यालय तक शांति मार्च निकालने का निर्णय लिया गया। बैठक में शांति मार्च के बाद अभ्यर्थियों को नियुक्ति दिलाए जाने की मांग से संबंधित मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को भेंट करने का निर्णय लिया गया। बैठक में एच के राजपाल, सरताज अली, हेमंत दोंदेरिया, पुष्पेन्द्र यादव, अनूप अग्रवाल, रोहित खरया, नितिन बिलैया, इंदर सोनी, राजीव ताम्रकार, पंकज मिश्रा, महेंद्र शर्मा, मनीष पाठक, डा.ॅ अजय तिवारी, रोहित झांगड़ी मनीष पाठक आदि उपस्थित रहे 

संघर्ष करेंगे टीईटी अभ्यर्थी

बहराइच। टीईटी संघर्ष मोर्चा की बैठक किसान पीजी कालेज परिसर में बुधवार को हुई। समस्याओं पर चर्चा करते हुए 30 मार्च को विधानसभा के सामने प्रदेश व्यापी धरना-प्रदर्शन में शामिल होने की रूपरेखा तैयार की गई। प्रदेश अध्यक्ष विवेकानंद ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिल सका है, इसलिए सभी को संघर्ष के लिए तैयार हो जाना चाहिए। 

 News : Amar Ujala (29.3.12)
शैक्षिक आधार पर भर्ती का होगा विरोध
(UPTET : If Selection is Based on Acadmic Ground , then TET Candidates oppose it)

दर्शननगर। शैक्षिक योग्यता के आधार पर टीईटी परीक्षा पास लोगों को शिक्षक बनाने की घोषणा अभ्यर्थियों को रास नहीं आई है। नई सरकार ने प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति शैक्षिक आधार पर करने की घोषणा की है। इसी घोषणा के बाद टीईटी परीक्षा पास अभ्यर्थी सरकारी घोषणा के विरोध में आ गए हैं। बीएड बेरोजगारों ने सूर्यकुंड पर बैठक की। बैठक में नई शिक्षक नियुक्ति की व्यवस्था का विरोध करने का निर्णय लिया गया। 


संघर्ष करेंगे टीईटी अभ्यर्थी
बहराइच। टीईटी संघर्ष मोर्चा की बैठक किसान पीजी कालेज परिसर में बुधवार को हुई। समस्याओं पर चर्चा करते हुए 30 मार्च को विधानसभा के सामने प्रदेश व्यापी धरना-प्रदर्शन में शामिल होने की रूपरेखा तैयार की गई। प्रदेश अध्यक्ष विवेकानंद ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिल सका है, इसलिए सभी को संघर्ष के लिए तैयार हो जाना चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 30 मार्च को विधानसभा के सामने प्रदेश के टीईटी अभ्यर्थियों ने धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। जिसमें बहराइच के भी टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थी अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों। गुरुवार को कपूरथला स्थित इंदिरा उद्यान के पार्क में पुन: बैठक होगी। 

News : Amar Ujala (29.3.12)
टीईटी भर्ती प्रक्रिया बदली तो कोर्ट जाएंगे
(UPTET : If Recruitment Process Changed, then Move to Court )

फतेहपुर। उत्तर प्रदेश अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण एकता संघर्ष मोर्चा ने नहर कालोनी परिसर में धरना दिया और कलेक्ट्रेट तक मौन जुलूस निकाला। लखनऊ में टीईटी अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए
टीईटी अभ्यर्थियों ने कहा यदि सरकार भर्ती प्रक्रिया में संशोधन करती है तो छात्र न्यायालय का दरवाजा खटखटा कर मुआवजा मांगेंगे।बुधवार को राजेन्द्र चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में बीच मार्च को लखनऊ में टीईटी अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की गई। टीईटी मेरिट के आधार पर शिक्षकों की भर्ती तत्काल शुरू किए जाने की मांग करते हुए अभ्यर्थियों ने कहा यदि भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार का संशोधन किया जाता है तो तीस मार्च को लखनऊ में प्रस्तावित प्रदेश स्तरीय आंदोलन के दौरान मोर्चा के सदस्य छात्र आमरण अनशन करेंगे। सदस्यों ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत संबंधित सूची भी सरकार से मांगने का निर्णय लिया जिसके आधार पर भर्ती प्रक्रिया में संशोधन किया जा रहा है। राजेन्द्र चौधरी ने कहा यदि सरकार बेरोजगार टीईटी अभ्यर्थियों को नौकरी दिलाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाती है अभ्यर्थी विधानसभा के सामने आत्मदाह करेंगे। धरना सभा को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। इससे पूर्व नहर कालोनी से कलेक्ट्रेट तक मौन जुलूस निकाल कर टीईटी अभ्यर्थियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर अनिल, रामू कटियार, धर्मेन्द्र साहू, रामबाबू, कुलभास्कर, शिवशंकर, प्रदीप सिंह, मनीष श्रीवास्तव, सुरेन्द्र कुमार और शिवशंकर गुप्ता आदि मौजूद रहे।

News : Amar Ujala (29.3.12)

आत्मदाह /Sucide is of coward step, What their family thinks. People should avoid such step and made effort through court / RTI to know process is going to change OR NOT, Any draft for such change is prepared OR NOT.
Their are many ways, Government functioning is on rules . And Court protects constitutional rights.
टीईटी अभ्यर्थियों ने अनशन किया , नियुक्ति की मांग को लेकर डीएम को दिया ज्ञापन
(UPTET : TET Candidates Performed Anshan , Submitted Memorandum to DM regarding recruitment )

कलेक्ट्रेट में संघर्ष मोर्चा के बैनर तले हुए अनशन में मौजूद टीईटी अभ्यर्थी 

इटावा। टीईटी अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर बुधवार को कचहरी में एक दिवसीय अनशन किया। उ.प्र. शिक्षक पात्रता परीक्षा संघर्ष मोर्चा के बैनर तले हुए इस अनशन में शासन से भर्ती प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की गई। उनका कहना रहा कि जब तक उनको न्याय नहीं मिल जाता तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन डीएम को सौंपा गया।कचहरी परिसर में सैकड़ों की संख्या में मौजूद टीईटी अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए अध्यक्ष वैभव यादव ने शासन से मांग की कि भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए। मो. शारिक निसार ने कहा कि जब तक हमें न्याय नहीं मिल जाता तब तक लड़ाई जारी रहेगी। अतुल श्रीवास्तव ने टीईटी मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। हरेंद्र यादव एवं शिवशंकर ने कहा कि नियुक्ति में देरी के कारण छात्र मानसिक तनाव से ग्रसित हो रहे हैं।
डीएम को सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि टीईटी परीक्षा किसी भी दशा में निरस्त न की जाए तथा भर्ती प्रक्रिया विज्ञापन के अनुसार अतिशीघ्र प्रारंभ कराई जाए। टीईटी प्रवेश परीक्षा फार्म के आवेदन से लेकर अब तक प्रत्येक अभ्यर्थी 20 हजार या उससे अधिक की धनराशि इस भर्ती के संदर्भ में खर्च कर चुका है। इसलिए प्रक्रिया में हो रही देरी के कारण उत्तीर्ण अभ्यर्थी घोर मानसिक तनाव व अवसाद झेल रहे है। इस प्रकरण में करीब पांच लाख उत्तीर्ण छात्रों के भविष्य का प्रश्न है। अनशन में विपुल, गौरव कुमार, अभिषेक यादव, आनंद पाल, आलोक कुमार, विजय, विनय, गजेंद्र, प्रियंका कुशवाहा, ज्योति, श्वेता भदौरिया, सीमा यादव, सानिया खान, लवनीन पांडेय, शाहीन सिद्दीकी, अंजली बाथम, महेंद्र सिंह, विपिन कुमार, दिलीप सक्सेना, सुनील यादव, सर्वेश यादव, रामप्रकाश, आलोक कुमार आदि मौजूद रहे।
लोक समिति बेरोजगारी को बनाएगी मुद्दा


जैतपुर के एबीएसए पर शिकंजा कसा - 33 अध्यापकों पर घर बैठे पगार लेने का आरोप 
(UPTET : TET Enquirey , Investigation reveals 33 teachers gets salary at their HOME)
•सीओ (बाह) कर रहे हैं मामले की जांच
•सीडीओ ने एसडीएम से सप्ताहभर में मांगी रिपोर्ट
•एबीएसए से की जा रही है पूछताछ

बाह। टीईटी परीक्षा पास कराने को लेकर धीरे-धीरे परतें खुलती नजर आ रही हैं। नई जांच में अब घर बैठे शिक्षकों को वेतन दिए जाने का मामाल गर्मा गया है। परीक्षा पास कराने के नाम पर 84 लाख की रकम के साथ रमाबाई नगर में जैतपुर ब्लाक के दो शिक्षक रतन मिश्रा और विनय सिकरवार के पकड़े जाने के बाद ब्लाक के परिषदीय स्कूलों में घर बैठकर पगार देने का मामला तूल पकड़ गया है। अब जैतपुर के खंड शिक्षा अधिकारी संजय सिंह पर दोहरी जांच का शिकंजा कस गया है। मामले की जांच कर रहे सीओ, बाह सिद्धार्थ पूछताछ में जुटे हैं। सीडीओ राजकुमार श्रीवास्तव ने एसडीएम से सप्ताहभर में रिपोर्ट तलब की है।
टीईटी प्रकरण में रतन मिश्रा और विनय सिकरवार का नाम आने के बाद से प्रशासन ने गंभीर रुख अपना लिया है। जैतपुर के खंड शिक्षाधिकारी पर महीनेदारी वसूलकर विकास खंड के कई शिक्षक-शिक्षिकाओं को घर बैठकर तनख्वाह दिलाने का आरोप लगाया गया है।
सूत्रों का कहना है कि सीओ बाह ने खंड शिक्षाधिकारी से पूछताछ की है। मामले में आरोपी शिक्षक-शिक्षिकाओं के नाम भी दर्ज कराए गए हैं। 
जल्द ही शिक्षक-शिक्षिकाओं के बयान दर्ज किए जाने की तैयारी है। सूत्र बताते हैं कि मामले की लीपापोती के प्रयास भी शुरू हो गए हैं।

News : Amar Ujala (29.3.12)

शिक्षक भर्ती प्रक्रिया हो सकती है निरस्त


शिक्षक भर्ती प्रक्रिया हो सकती है निरस्त
(UPTET : PRT Teacher Recruitment / TET May be Cancelled )

लखनऊ, 28 मार्च (जागरण ब्यूरो) : बेसिक शिक्षा परिषद के संचालित प्राथमिक स्कूलों में 72,825 शिक्षकों की भर्ती के सिलसिले में लंबित चयन प्रक्रिया निरस्त की जा सकती है। शिक्षकों की भर्ती के लिए अनिवार्य अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के परीक्षा परिणाम में धांधली उजागर होने से इसकी शुचिता तार-तार हो चुकी है।

ऐसे में शासन स्तर पर बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों के बीच शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने के बारे में सहमति बनी है। सूत्रों के मुताबिक भर्ती प्रक्रिया को रद करने के बारे में बेसिक शिक्षा निदेशालय से प्रस्ताव मांगा गया है।

 भर्ती प्रक्रिया को रद करने के बाद नए सिरे से शिक्षकों की नियुक्ति के लिए टीईटी की मेरिट को ही चयन का आधार बनाने के बसपा सरकार के निर्णय को भी बदला जाना तय है।

शासन स्तर पर बेसिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच विचार विमर्श में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने पर सहमति बनी है। एनसीटीई की अधिसूचना के मुताबिक इन 72,825 पदों पर बीएड डिग्रीधारक अभ्यर्थियों की नियुक्ति एक जनवरी 2012 तक हो जानी चाहिए थी जो कि न हो सकी। शिक्षकों की भर्ती में भ्रष्टाचार उजागर होने से बेसिक शिक्षा विभाग की काफी किरकिरी हो चुकी है। इस मुद्दे पर कई महीनों से गतिरोध व अनिर्णय की स्थिति बने रहने से अभ्यर्थी भी संशय और दुविधा का सामना कर रहे हैं। यह भी माना जा रहा है कि बसपा सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया पर भ्रष्टाचार के जो दाग लगे हैं, नई सरकार उससे दामन दागदार नहीं करना चाहेगी। इसलिए बेसिक शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्यवाही करने का मन बनाया है।
http://epaper.jagran.com/epaper/29-mar-2012-64-edition-Kanpur-Page-1.html#•


News : Jagran (29.3.12)
*************
आमरण अनशन की धमकी
बरेली, जागरण संवाददाता: टीईटी उत्तीर्ण संघर्ष मोर्चा ने जल्द पक्ष में फैसला न होने पर 30 मार्च से आमरण अनशन करने की धमकी दी है। आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए गांव-गांव समितियां गठित करने का फैसला भी लिया गया हैं। लखनऊ प्रदर्शन का सार संकलन करने के लिए रविवार को गांधी उद्यान में संघर्ष मोर्चा की बैठक हुई। वक्ताओं ने लखनऊ प्रदर्शन में लाठीचार्ज की भ‌र्त्सना की। मोर्चा अध्यक्ष विकास कुमार ने कहा कि मेरिट के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो 30 मार्च से विधानसभा के सामने आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। मोर्चा नेता पवन सक्सेना ने कहा कि आंदोलन की मजबूती के लिए लामबंदी जरूरी है। इसके लिए हर स्तर पर इकाइयां बनाई जाएंगी जो तहसील और ब्लाक स्तर पर अनशन को आयोजित करेंगी। बैठक में राजेश कुमार, ओमकार गंगवार, संतोष गंगवार, प्रमोद सक्सेना, प्रियंका भास्कर, जय प्रकाश यादव, राजेश प्रता...प सिंह, राजकुमार यादव आदि मौजूद रहे। मोअल्लिम भी देंगे साथ टीईटी पास मोअल्लिम-ए-उर्दू एसोसिएशन ने रविवार को मौलाना आजाद इंटर कालेज के प्रांगण में बैठक की। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष वाजिद हुसैन कुरैशी ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सरकार को रिपोर्ट सौंप दी है जिस पर निर्णय लिया जाना है। फैसला न होने पर 30 मार्च को लखनऊ में उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। इस संबंध में एक प्रतिनिधिमंडल काबीना मंत्री आजम खान से मिलकर बेसिक स्कूलों में उर्दू अध्यापक पद टीईटी पास मोअल्लिम-ए-उर्दू से भरने की मांग करेगा। बैठक में जावेद अब्दुल वाजिद, अयाज अहमद, शहाना परवीन, इंतखाब हुसैन, मुजफ्फर अली, शकील अहमद मौजूद रहे।

UPTET : सीएम से फरियाद- भत्ता नहीं, नौकरी दो

बांदा। भत्ता नहीं, नौकरी दो। शिक्षित बेरोजगारों की यह मांग तूल पकड़ने लगी है। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण बेरोजगारों ने इसी नारे के साथ मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजते हुए नौकरी की मांग की है। उन्होंने बेरोजगारी भत्ते की जगह रोजगार देने की गुहार लगाई है।
            

बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर ‘भत्ता नहीं, नौकरी दो’ नारों से गूंजता रहा। पचास से ज्यादा टीईटी उत्तीर्ण बेरोजगारों ने मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इसमें कहा गया है कि प्रदेश में 72 हजार 800 प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती पिछले वर्ष होनी थी, लेकिन कुछ कारणों से प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। बेरोजगारों ने कहा कि उनका भविष्य अधर में है। मुख्यमंत्री से फरियाद की है कि अध्यापक भर्ती प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए। ज्ञापन देने वालों में महेंद्र सिंह, अरविंद यादव, मनीराम, राजकुमार, संजय गुप्ता, गोपाल बाबू, आनंद कुरील, रमेश यादव, अखिलेश यादव, रामबहोरी, विश्राम, मकसूद अहमद, मोहम्मद रफीक, केके मिश्रा शामिल रहे।

News : Amar Ujala (29.3.12)

UPTET : रोड से कोर्ट तक लड़ेंगे टीईटी प्रशिक्षित

शाहजहांपुर: शासन की ओर से कोई भाव न दिए जाने से खफा टीईटी प्रशिक्षितों ने आरपार की लड़ाई लड़ने की तैयारी कर ली है। 30 मार्च को लखनऊ में एकजुट होकर सरकार की जोरदार मुखालफत का आह्वान किया गया है।
यूपी टीईटी संघर्ष मोर्चा की कोर कमेटी की एक बैठक जिला कार्यालय में हुई जिसमें निर्णय लिया गया कि यदि सरकार ने शिक्षक भर्ती के संबंध में कोई स्पष्ट निर्णय न लिया तो फिर आंदोलन ही आखिरी रास्ता बचेगा। मोर्चे के महामंत्री मनोज शर्मा ने बताया कि आज पदाधिकारियों को सीएम से वार्ता का आश्वासन दिया गया था लेकिन ऐन वक्त कोई भाव नहीं दिया गया। इससे पहले भी टीईटी मांगने पर लाठियां ही मिली थीं। आह्वान किया गया कि सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ी जाएगी। बैठक में संतोष पाल, लईक अहमद, हरिकिशोर दीक्षित, मो.हसीब, सिकंदर अली, शाहिद, जोगिंदर, राहुल प्रियदर्शी, अमित कश्यप, सतीश चौहान, सतीश सिंह आदि मौजूद रहे।

 News : Jagran (28.3.12)

(BTC 2011 Koshambi : Tightening screws on BTC Forgery )

कौशाम्बी : बीटीसी में प्रवेश के लिए हुए फर्जीवाड़े पर डीएम ने शिकंजा कस दिया है। एक माफिया का नाम उजागर हो गया है। कार्रवाई के खौफ से घबराए माफिया ने बुधवार को डायट के एक कर्मचारी से घंटों बंद कमरे में वार्ता की। इस बैठक में केसर विद्यापीठ का एक जिम्मेदार भी शामिल था। कागजों को दुरुस्त कराने के लिए यह अहम वार्ता रात में हुई है। इसकी भनक जिलाधिकारी को लग चुकी है।
बीटीसी में प्रवेश के लिए हुए फर्जीवाड़े पर जिला प्रशासन की निगाह लगी हुई है। डीएम ने निगहबानी के लिए खुफिया तंत्र भी सक्रिय कर रखा है। डीएम ने बीटीसी में प्रवेश को लेकर जितनी भी शिकायतें हुई हैं या फिर हो रही हैं उनको गंभीरता से लेकर जांच शुरू करा दी है। इससे डायट में सक्रिय रैकेट के पांव उखड़ गए हैं। कई प्रशिक्षुओं पर गाज भी गिर सकती है। अब जिला प्रशासन इस मामले में किसी तरह की ढील नहीं देना चाहता। जो भी लोग फर्जीवाड़े में लिप्त पाए जाएंगे उनके खिलाफ सदर कोतवाली में मामला दर्ज कराया जाएगा। इसका फरमान जारी कर दिया गया। इसकी भनक लगते ही एक माफिया के होश उड़ गए। यह माफिया केसर विद्यापीठ के एक जिम्मेदार के साथ डायट के एक कर्मचारी से बुधवार की रात आठ बजे मिला।

फर्जी मार्कशीट पर 465 ने लिया बीटीसी में दाखिला
(BTC 2011 : 465 BTC Candidates Selected Through Forge Markshhets )

इलाहाबाद। बीटीसी चयन 2011 में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। प्रदेशभर में डायट और प्राइवेट संस्थानों के लिए बीस हजार अभ्यर्थियों में से 465 ने फर्जी मार्कशीट पर दाखिला लिया है और पांच महीने का प्रशिक्षण भी कर चुके हैं। केंद्रीय और राज्य शिक्षा परिषदों तथा विश्वविद्यालयों से अंकपत्रों के सत्यापन के बाद साफ हुआ कि अभ्यर्थियों ने मेरिट में शामिल होने के लिए असली रोलनंबर पर फर्जी मार्कशीट तैयार कराई। गड़बड़ी करने वालों में 117 युवतियां भी हैं जिनमें से 94 ने सीबीएसई और सीआईएससीई के फर्जी अंकपत्र लगाए। ताज्जुब यह कि फर्जीवाड़ा करने वाली ज्यादातर युवतियों को काउंसलिंग में अच्छी रैंकिंग मिली और प्रशिक्षण में भी लगातार हिस्सा ले रही हैं। सत्यापन के बाद गड़बड़ी सामने आने पर अभ्यर्थियों का चयन रद करने के साथ उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के लिए ब्योरा तैयार करने का जिम्मा सर्व शिक्षा अभियान के अधिकारियों को सौंपा गया है। जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि गड़बड़ी करने वालों में से 86 अभ्यर्थी शिक्षा विभाग के ही अधिकारियों, कर्मचारियों की संतानें हैं। उनमें से 29 अभ्यर्थी ऐसे हैं जिनके अभिभावक यूपी बोर्ड दफ्तर, क्षेत्रीय कार्यालय या निदेशालय में तैनात हैं। अधिकारियों, कर्मचारियों ने अपने पाल्यों के चयन के लिए फर्जी मार्कशीट तैयार कराई।
रोलनंबर के आधार पर असली मार्कशीट की जांच हुई तो पता चला कि उनमें से ज्यादातर को द्वितीय श्रेणी के अंक मिले हैं। उन्हें और अभिभावकों को पता था कि 70 फीसदी से कम अंक होने पर चयन मुश्किल है इसलिए उसी रोलनंबर, वर्ग, विषय में नंबर बढ़ाकर नई मार्कशीट तैयार करा ली। बताया गया कि कुछ अभ्यर्थियों को लेकर लिखित शिकायतें भी थीं इसलिए जांच में उप निदेशक स्तर के अधिकारियों को लगाया गया। गड़बड़ी में पकड़े गए अभ्यर्थियों पर कार्रवाई के लिए ब्योरा तैयार करने वाले सर्व शिक्षा अभियान के अधिकारी वीरेंद्र चौधरी ने बताया कि संबंधित डायट और संस्थानों को लिस्ट अगले हफ्ते तक भेज दी जाएगी। उनका चयन रद्द करने के साथ ही प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी, साथ ही उन्हें ब्लैकलिस्ट कर रोलनंबर कम्प्यूटर में फीड कर दिए जाएंगे ताकि आगे के किसी चयन में शामिल न हो सकें।


News : Amar Ujala (26.3.12)

बीटीसी: 165 निकले गुरू घंटाल
(UPTET / BTC  : 165 BTC Teachers Fake, Performed forgery in Marksheet )

आगरा, जागरण संवाददाता: गुरू बनने के लिए होने वाली बीटीसी प्रवेश परीक्षा उन्होंने पास कर ली। परंतु शक हो गया कि उनके सर्टिफिकेट नकली हैं। जांच हुई तो यह सही निकला और अब ये अभ्यर्थी गुरु बनने से पहले ही गुरू घंटाल में तब्दील हो गये हैं। 165 अभ्यर्थियों ने गुरुकुल विवि के फर्जी दस्तावेजों के जरिए चयन सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया।
सत्र 2011-12 में बीटीसी के लिए जनपद में करीब 14000 अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरे थे। किसी ने ग्वालियर के विवि के दस्तावेज लगाए तो किसी ने वृंदावन के गुरुकुल विवि और बनारस के संपूर्णानंद विवि के दस्तावेजों को संलग्न किया। चूंकि बीटीसी में इससे पहले भी फर्जी दस्तावेजों से नौकरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लिहाजा डायट प्राचार्या को संदेह हुआ। इसके बाद जिन छात्रों ने गुरुकुल विवि के प्रमाण और अंकपत्र लगाए थे, उनके सत्यापन की प्रकिया शुरू की गई। प्रशासन ने डीआइओएस को जिम्मेदारी सौंपी और डीआइओेएस ने छात्रों के प्रमाणपत्र गुरुकुल विवि भेजे।

इस दौरान चुनाव आचार संहिता होने के चलते बीटीसी की चयन सूची जारी नहीं की गई। अब गुरुकुल विवि की ओर से इन अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच रिपोर्ट आई है। रिपोर्ट के अनुसार बीटीसी चयन सूची में जारी सभी 165 छात्रों के दस्तावेज पूरी तरह फर्जी हैं। इनके विवि से जारी होने का कोई अभिलेख भी मौजूद नहीं है। साथ ही विवि के कुलपति आचार्य स्वदेश ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की सलाह दी है। रिपोर्ट आने के बाद अधिकारियों के माथे पर बल पड़ गए हैं।

पहले भी हो चुकीं फर्जीवाड़े की घटनाएं
बीटीसी चयन में फर्जीवाड़े का खेल नया नहीं है। हाल में ही बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे एक शिक्षक के अभिलेखों के भी फर्जी होने के आरोप लगे हैं। अंबेडकर विवि के साथ ही पुलिस भी मामले की जांच कर रही है।
पहले बीटीसी से ही बनते थे शिक्षक
आगरा में बीटीसी की कुल 725 सीटें हैं। शासन ने सरकारी प्राइमरी और जूनियर स्कूलों में नौकरी के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) को अनिवार्य कर दिया है। लेकिन एक साल पहले तक बेसिक टीचर्स सर्टिफिकेट (बीटीसी) ही अहम योग्यता मानी जाती थी। इसमें चयन का आधार अभ्यर्थी के अंक हैं। लिहाजा अभ्यर्थी अच्छी मेरिट के लिए फर्जीवाड़े का सहारा लेते हैं।

'विवि जांच रिपोर्ट अभी मेरे पास नहीं आई है। हमने संदेह होने पर पहले ही 165 छात्रों के नाम हटा दिए थे। रिपोर्ट आने के बाद इसे निदेशालय को भेजा जाएगा और संबंधित अभ्यर्थियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।'
- नीना कटियार, प्राचार्या डायट

News : Jagran (29.3.12)

टीईटी संघर्ष मोर्चा ने धरना देकर सौंपा ज्ञापन
(UPTET : TET Sangarsh Morcha Performed Dharna Pradarshan , Submitted Memorandum )

देवरिया : टीईटी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले अभ्यर्थियों ने अपनी नियुक्ति से संबंधित मांगों को लेकर बुधवार को सुभाष चौक पर धरना दिया। इसके साथ ही मेरिट के आधार पर प्रक्रिया अविलम्ब शुरू करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर को सौंपा।धरना स्थल पर सभा को संबोधित करते हुए राकेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि अगर मूल विज्ञापन के साथ किसी तरह का बदलाव किया गया और नियुक्ति प्रक्रिया में देरी हुई तो अभ्यर्थियों का संयम टूट जाएगा और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
रुपेश मिश्र ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर जल्द ही भूख हड़ताल किया जाएगा। भृगुवेन्द्र कुशवाहा ने कहा कि हमारे साथ न्याय नहीं किया गया तो सरकार को गंभीर परिणाम भुगतने पडे़गे। राजिश दीक्षित ने कहा कि सरकार शिक्षा माफियाओं के चंगुल में फंस गई है और पूर्वाग्रह से ग्रसित है। अध्यक्षता चन्द्रप्रकाश कुशवाहा तथा संचालन संदीप कुशवाहा ने किया। इसके पश्चात टीईटी अभ्यर्थी सिविल लाइंस रोड पर प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां मांगों से संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर अजय कांत सैनी को सौंपा।

Wednesday, March 28, 2012

टीईटी : रद हो सकती शिक्षक भर्ती प्रक्रिया!

लखनऊ, जागरण ब्यूरो : बेसिक शिक्षा परिषद के संचालित प्राथमिक स्कूलों में 72,825 शिक्षकों की भर्ती के सिलसिले में लंबित चयन प्रक्रिया निरस्त की जा सकती है। शिक्षकों की भर्ती के लिए अनिवार्य अध्यापक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के परीक्षा परिणाम में धांधली उजागर होने से इसकी शुचिता तार-तार हो चुकी है।
ऐसे में शासन स्तर पर बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों के बीच शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने के बारे में सहमति बनी है। सूत्रों के मुताबिक भर्ती प्रक्रिया को रद करने के बारे में बेसिक शिक्षा निदेशालय से प्रस्ताव मांगा गया है। भर्ती प्रक्रिया को रद करने के बाद नये सिरे से शिक्षकों की नियुक्ति के लिए टीईटी की मेरिट को ही चयन का आधार बनाने के बसपा सरकार के निर्णय को भी बदला जाना तय है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने 23 अगस्त 2010 को अधिसूचना जारी कर शिक्षा के अधिकार के तहत कक्षा एक से आठ तक के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए टीईटी को अनिवार्य कर दिया था।
एनसीटीई ने 11 फरवरी 2011 को राज्यों को टीईटी के आयोजन के बारे में विस्तृत दिशानिर्देश जारी करते हुए इसे शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अर्हताकारी परीक्षा ही करार दिया था। मायावती सरकार ने उप्र बेसिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली में संशोधन कर टीईटी की मेरिट को ही शिक्षकों के चयन का आधार बना दिया था। टीईटी के आयोजन की जिम्मेदारी यूपी बोर्ड को सौंपी गई थी। यूपी बोर्ड ने 13 नवंबर को टीईटी आयोजित किया था और 25 नवंबर को परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया था।http://epaper.jagran.com/epaper/29-mar-2012-64-edition-Kanpur-Page-1.html#

टीईटी मेरिट पर नहीं होगी शिक्षकों की भर्ती

•अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। यूपी में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए मायावती सरकार द्वारा किए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय को पलटने की तैयारी है। इन स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) मेरिट के आधार पर न करके शैक्षणिक मेरिट के आधार पर पूर्व की तरह ही की जाएगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली को संशोधित किया जाएगा। सचिव बेसिक शिक्षा सुशील कुमार ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों के साथ पहली बैठक में इस संबंध में निर्देश दे दिया है।
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने शिक्षकों की भर्ती के लिए टीईटी अनिवार्य किया है। एनसीटीई की 23 अगस्त, 2010 को जारी अधिसूचना में स्पष्ट कहा गया है कि यह पात्रता परीक्षा होगी। इसे पास करने वाला ही शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकता है, लेकिन मायावती सरकार ने प्राइमरी स्कूलों में 72 हजार 825 शिक्षकों की भर्ती के लिए मानक ही बदल दिया।
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली में शिक्षकों की भर्ती टीईटी मेरिट के आधार पर करने की व्यवस्था कर दी गई। टीईटी में पात्रता के स्थान पर अर्हता किए जाने के बाद हुई धांधली के चलते माध्यमिक शिक्षा निदेशक संजय मोहन गिरफ्तार भी किए जा चुके हैं।
सचिव बेसिक शिक्षा ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक में सबसे पहले समीक्षा के दौरान टीईटी और शिक्षकों की भर्ती के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस पर उन्होंने निर्देश दिया कि पात्रता को अर्हता किया जाना गलत है। टीईटी पात्रता परीक्षा है। इसलिए शिक्षकों की भर्ती शैक्षणिक मेरिट के आधार पर ही पूर्व की तरह की जाए।
•भर्ती नियमावली में फिर किया जाएगा संशोधन